रिपोर्ट : LegendNews
आगरा: 4 साल पुराने पूनम चौधरी हत्याकांड में बड़ा फैसला, सगे भाई को फांसी की सजा
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद की अपर जिला एवं सत्र अदालत ने आज मंगलवार को चार साल पुराने बहुचर्चित सनसनीखेज युवती हत्याकांड में अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है. विशेष न्यायाधीश मृदुल दुबे की अदालत ने संपत्ति के लालच में अपनी ही सगी बहन की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी भाई को दोषी करार दिया है. अपराध की क्रूरता को देखते हुए न्यायाधीश मृदुल दुबे ने दोषी को फांसी की सज़ा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 2.20 लाख रुपये का भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.
शूटर ओपी लाल के भतीजे ललित ने संपत्ति विवाद में की थी हत्या: फांसी की सजा पाने वाला यह दोषी आगरा के बहुचर्चित कुख्यात शूटर ओपी लाल का सगा भतीजा ललित चौधरी उर्फ निक्कू है. ललित ने पैतृक संपत्ति के विवाद में और अपने हिस्सेदारी खोने की सनक में अपनी अविवाहित सगी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी थी. रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात 26 नवंबर 2022 को आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में सरेआम घटित हुई थी. इस हत्याकांड को लेकर मृतका की भाभी और पीड़िता नीलू चौधरी ने शाहगंज थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था.
दुकान पर ताला लगाने के विवाद में अंधाधुंध चलाई थीं गोलियां: दर्ज मुकदमे के अनुसार, 26 नवंबर 2022 की सुबह करीब 10 बजे नीलू चौधरी अपनी अविवाहित ननद पूनम चौधरी के साथ जोगी पाड़ा स्थित घर पर मौजूद थीं. जब नीलू और पूनम मिलकर अपनी पैतृक दुकान पर ताला लगा रही थीं, तभी वहां आरोपी ललित चौधरी आ धमका. उसने दोनों महिलाओं को दुकान का ताला लगाने से मना किया, जिस पर नीलू ने विरोध जताते हुए कहा कि इस संपत्ति पर हमारा भी कानूनी हक है. नीलू ने कहा कि तुम पहले से ही पूरी दुकानों का किराया अकेले वसूलते हो, जिसके बाद भी हम कभी कुछ नहीं कहते हैं.
पति की हत्या के बाद बेसहारा भाभी को भी किया था प्रताड़ित: पीड़िता नीलू चौधरी ने पुलिस को अपनी दर्दभरी दास्तान बताते हुए कहा कि साल 2006 में उसके पति रुपेश चौधरी की हत्या कर दी गई थी. पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसे पैतृक संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया था, बल्कि केवल विधवा होने के नाते गुजारा भत्ता दिया जाता था. मगर कुछ समय बाद जब ससुर यतेंद्र चौधरी की भी मौत हो गई, तो कलयुगी देवर ललित चौधरी ने वह खर्चा देना भी पूरी तरह बंद कर दिया. मजबूरन नीलू अपने मायके सलेमपुर (बुलंदशहर) में रहकर अपने इकलौते बेटे को जैसे-तैसे पढ़ा रही थी.
पैतृक हिस्सेदारी मांगने पर सगी बहन को उतारा मौत के घाट: हाल ही में जब नीलू ने अपने देवर ललित से अपने हिस्से की मांग की, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की गंभीर धमकी दी थी. घटना के दिन जब पूनम और नीलू ने दुकान पर ताला लगाने का प्रयास किया, तो गुस्से से तमतमाए ललित ने पिस्तौल निकालकर अपनी सगी बहन पूनम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. हमलावर ललित की चलाई गोलियों में से एक गोली पूनम के बाजू को चीरती हुई सीधे उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में जा धंसी. गोली लगते ही पूनम तड़पते हुए जमीन पर गिर पड़ी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई.
पांच राउंड फायरिंग कर फैलाई थी दहशत: अपनी बहन की हत्या करने के बाद आरोपी ललित चौधरी हाथ में हथियार लहराते हुए मौके से तुरंत फरार हो गया था. वारदात के समय हमलावर ललित ने इलाके में करीब चार से पांच राउंड हवाई फायरिंग भी की थी, जिससे पूरे शाहगंज क्षेत्र में भारी दहशत फैल गई थी. इस दुस्साहसिक हत्याकांड के बाद हरकत में आई आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो दिन बाद, यानी 28 नवंबर 2022 को एक मुठभेड़ के दौरान आरोपी ललित उर्फ निक्कू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद पीड़ित परिवार को मिला न्याय: पीड़िता नीलू ने बताया कि ससुर की मौत के बाद से ही ननद पूनम चौधरी अपने भाई ललित से अपना कानूनी हक मांग रही थी. वारदात से महज 5 दिन पहले नीलू ने भी देवर से अपना हिस्सा मांगा था, जिससे ललित बेहद खिसियाया हुआ था. उसे पिता की करोड़ों की संपत्ति से किसी भी महिला को हिस्सा देना नागवार गुजर रहा था, जिसके चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. आज चार साल की कानूनी लड़ाई और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने भाई के इस कृत्य को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए फांसी के फंदे तक पहुंचा दिया है.
- Legend News

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