गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) कलेक्‍शन फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 फीसदी बढ़ा है। यह बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। इसमें इंपोर्ट से प्राप्‍त रेवेन्‍यू में हुई ज्‍यादा बढ़ोत्तरी का मुख्य योगदान रहा। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
कुल डोमेस्टिक जीएसटी रेवेन्‍यू 5.3 फीसदी बढ़ा है। यह बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, आयात से सकल राजस्व 17.2 फीसदी बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कुल रिफंड 10.2 फीसदी बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये रहा।
कुल जीएसटी कलेक्‍शन 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 फीसदी अधिक है। शुद्ध सेस रेवेन्‍यू 5,063 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये था। 
एक्‍सपर्ट से समझ‍िए क्‍या है संकेत
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर एमएस मणि ने कहा कि जीएसटी कलेक्शन के नए आंकड़े दिखाते हैं कि कंजम्पशन बढ़ा है। इसने रेट में कमी की भरपाई से ज्‍यादा किया है। इससे महीने के कलेक्शन में 8% की बढ़ोतरी हुई है। एब्सोल्यूट नंबर्स के हिसाब से कलेक्शन जो हर महीने 2 ट्रिलियन की तरफ बढ़ रहा था, रेट में कमी ने उसे पीछे खींच लिया है। ऐसे में 2 ट्रिलियन के निशान तक पहुंचने में कुछ और समय लगेगा।
मणि ने कहा, 'कंजम्पशन में बढ़ोतरी, जिससे महीने और सालाना कलेक्शन में 8% से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हुई है, उसे हाल ही में पब्लिश हुए मजबूत जीडीपी डेटा और दूसरे मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स का भी सपोर्ट मिला है।'
राज्‍यों का जीएसटी रेवेन्‍यू कैसा रहा?
राज्य-वार पोस्ट-सेटलमेंट जीएसटी रेवेन्यू में मिली-जुली तस्वीर दिखी। इंडस्ट्रियलाइज्‍ड राज्यों ने अच्छा फायदा दिखाया, जबकि छोटे इलाकों में कमी आई।
महाराष्ट्र राज्य ने प्री-सेटलमेंट 10,286 करोड़ रुपये के साथ टैक्स में सबसे बड़ा योगदान दिया। उसके बाद कर्नाटक और गुजरात का नंबर आता है।
पोस्ट-सेटलमेंट SGST के अनुसार इन राज्यों में पॉजिटिव GST रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई:
हिमाचल प्रदेश
चंडीगढ़
उत्तराखंड
हरियाणा
दिल्ली
राजस्थान
उत्तर प्रदेश
बिहार
महाराष्ट्र
कर्नाटक
तमिलनाडु
सिक्किम
अरुणाचल प्रदेश वगैरह।
पोस्ट-सेटलमेंट SGST के अनुसार इन राज्यों में नेगेटिव GST रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई:
पश्चिम बंगाल
झारखंड
ओडिशा
छत्तीसगढ़
मध्य प्रदेश
त्रिपुरा
जम्मू-कश्मीर, वगैरह।
प्री-सेटलमेंट SGST आंकड़ों के अनुसार मणि ने कहा, 'तमिलनाडु (-6%), एमपी (-8%), राजस्थान (-1%) जैसे बड़े राज्यों की ओर से रिपोर्ट की गई नेगेटिव ग्रोथ और पश्‍च‍िम बंगाल (1%), हरियाणा (2%), यूपी (5%), महाराष्ट्र (6%) से रिपोर्ट किए गए 8% के नेशनल एवरेज से नीचे सिंगल डिजिट ग्रोथ राज्यों और पॉलिसी मेकर्स के लिए चिंता की बात होगी।'  
-Legend News

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