मथुरा। विकास खंड बलदेव और तहसील महावन के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नरहोली जुन्नारदार के मजरा खडेरा से भ्रष्टाचार का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे।

योगी सरकार जहां 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत हर घर शौचालय और सामुदायिक शौचालय पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है, वहीं खडेरा गांव का सामुदायिक शौचालय पिछले एक साल से ताले में बंद और टूटा-फूटा पड़ा है। यहां न कोई केयरटेकर आता है और न ही इसकी सुध लेने वाला कोई जिम्मेदार है। सरकारी बजट का यह पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?

हैरानी की बात तो यह है कि इस गांव की सुध लेने के लिए न तो विकास खंड अधिकारी (BDO) बलदेव के पास समय है और न ही ग्राम पंचायत सचिव अनु चौधरी का इस ओर कोई ध्यान है। अधिकारी दफ्तरों में बैठकर फाइलों पर 'ऑल इज वेल' लिख रहे हैं, जबकि जमीन पर जनता नरकीय जीवन जी रही है।

हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने बताया कि उनका ग्राम प्रधान पिछले 5 साल से गांव में शक्ल दिखाने तक नहीं आया है! जो प्रधान चुनाव जीतकर जनता का सेवक बनने का दावा करता था, वो आज लापता है। गांव का तालाब उफान पर है, घरों में सांप-बिच्छू घुस रहे हैं, बच्चे कीचड़ से होकर स्कूल जा रहे हैं, लेकिन प्रधान से लेकर सचिव अनु चौधरी तक सब आंखें मूंदे बैठे हैं।

लापता प्रधान, लापरवाह सचिव अनु चौधरी और बलदेव के विकास खंड अधिकारी पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और खडेरा गांव के लोगों को इस नरक से मुक्ति दिलाई जाए।

- Legend News

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