वृन्दावन। चैतन्य विहार फेस-1/पापड़ी चौराहा स्थित भागवत कृपा धाम आश्रम में श्रीवल्लभाचार्य जी सेवा प्रचार ट्रस्ट, वृन्दावन के द्वारा महाप्रभु वल्लभाचार्य महाराज का 549वां प्राकट्य महोत्सव अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है।जिसके अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन व्यास पीठ से प्रख्यात भागवतोपासक जगदीश चन्द्र शास्त्री महाराज ने अपनी सरस वाणी के द्वारा देश-विदेश से आए समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का रसास्वादन कराया।
व्यास पीठाधीन श्रद्धेय जगदीश चन्द्र शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य में भक्ति, ज्ञान तथा वैराग्य की महानता को दर्शाया है। भगवान की समस्त लीलाओं और अवतारों की कथाओं का ज्ञान कराने वाली यह कथा सकाम कर्म, निष्काम कर्म, ज्ञान साधना, सिद्धि साधना, भक्ति, अनुग्रह, मर्यादा, द्वैत-अद्वैत, निर्गुण-सगुण का ज्ञान प्रदान करती है। वस्तुत: श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अक्षय भंडार है। इसीलिए इस ग्रंथ के श्रवण करने से मनुष्य के समस्त पापों का क्षय हो जाता है और भगवान की भक्ति सहज में ही प्राप्त होती है।

इस अवसर पर आयोजित नंदोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से सम्बंधित भजनों व बधाईयों का संगीत की मृदुल स्वर लहरियों के मध्य गायन किया गया।साथ ही खेल-खिलौने,रुपए-कपड़े, मेवा-मिष्ठान्न और वस्त्रादि लुटाए गए।

इससे पूर्व यजमान परिवार के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य श्रीमद्भागवत महापुराण ग्रंथ एवं व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर उनकी आरती की।
इस अवसर पर प्रख्यात साहित्यकार"यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, हनुमान प्रसाद जोशी (हिसार/अहमदाबाद), नंदकिशोर बजाज (पुणे), नरसिंह राठी (नागौर),
डॉ. राधाकांत शर्मा, महोत्सव के व्यवस्थापक दीपक कुमार शर्मा, गोविन्द शर्मा, अनुराग शर्मा, राधा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा एवं लीना शर्मा आदि की उपस्थिति विशेष रही।

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